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Shakti Peeth Maa Chandika Sthan Munger (मुंगेर) Bihar

In the city of Munger, the eastern region of city on the bank of river Ganga, among the Vindhya Mountain in a cave, Shakti Peeth Maa Chandika Sthan is situated with a historical importance. The place where Chandika Sthan is situated, their left eye of Maa had felled, it is said that the history of Chandika Sthan is related to Raja Karna. Raja Karna was worshipper of Maa. Raja Karna used to worship Maa daily, he used to daily come in mandir and jump into boiling ghee,Acording to saints Maa used to give Darshan to Raja Karna and made his dead body alive. Due to Maa Raja Karna use to daily get 1.75 man gold, which gold Raja Karna use to distribute the gild to the needies in Karna Chaura. Read the rest of this entry »

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सावन और रमजान’ पर कवियित्री गोष्ठी आयोजित

सावन और रमजान दोनों उपासना एवं उपवास का पवित्र महीना है। एक में सभी धर्मचेता शिव की आराधना में रत रहते तो दूसरे में अल्लाह को हर समय स्मरण करते हुए कुरान-पाठ व तरावीह अता की जा रही है। शुक्रवार को रायसर में इस विषय स्पृहणीय कवियित्री गोष्ठी दोनों धर्म की छात्राओं ने की।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से निर्धारित विषय ‘सावन और रमजान’ विषय पर छात्राओं ने एकल काव्यपाठ किया। मोहिनी कुमारी गुप्ता ने सुनाया ‘हृदयांगन जब झूमे तब सावन आया समझो.’। तब हुस्नेआरा ने पढ़ा- ‘खुदा का नाम लेकर जो ततन से गद्दारी करते.।’ फिर साक्षी ने लरजते अंदाज में सुनाया ‘कली-कली ने ली अंगड़ाई, फूल-फूल पर यौवन छाया..’। रेशमी हर शय में खुदा को देखती हैं-‘तेरे जलवे में मुझे हर पल खुदा का नूर नजर आता है.’ के बाद श्वेता सहाय ने पढ़़ा ‘नील गगन पर बिखरे तारे दुल्हन का आंचल लगते हैं..।’ जूबी गुलरेज की बानगी थी- ‘बिन तेरे जिंदगी में फकत तन्हाई है..’। मेधा शर्मा सावन से मायूस लगीं-सूखा सावन बीत रहा, भादो में बरसेंगे नैन..। शमा ने बयां किया ‘सावन में हरियाली का मोहक विस्तार देखा है..’। अंत में मुस्कान ने सुनाया इंद्रधनुष सी छिटकी किरणें, सूरज की बिखरी है लाली..।

Source: http://www.jagran.com/bihar/munger-9512588.html